Tuesday, 11 September 2018

UNFCCC

यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज 

UNFCCC  एक अंतराष्ट्रीय संधि है जिसका गठन रियो डी जानेरिओ में वर्ष 1992 में आयोजित सयुंक्त राष्ट्र संध के पर्यावरण और विकास सम्मेलन में किया गया। 50 से अधिक देशों द्वारा समर्थित जलवायु परिवर्तन पर सयुंक्त राष्ट्र अभिसमय अर्थात UNFCCC (UNITED NATIONS FRAMEWORK CONVENTION ON CLIMATE CHANGE) 21 मार्च 1994 से प्रभावी हुआ। वर्तमान में UNFCCC विश्व के 197 देशों द्वारा समर्थित है।
                            ध्यान देने की बात है कि सयुंक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन को रोकने की दिशा में समय-समय पर कई महत्वपूर्ण प्रयास किए है वर्ष 2015 में पेरिश में UNFCCC की बैठक में कई महत्वपूर्ण लक्ष्य का निर्धारण किया गया। इसका मुख्या लक्ष्य है कि इस सदी के अंत तक औसत वैश्विक तापमान की वृद्धि 2℃ या यदि संभव हो सके, तो 1.5 ℃ से अधिक न होने पाए।
UNFCCC
UNFCCC
                                                                                                           इस सम्मेलन का महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि विकसित देशों ने वैश्विक तापन में अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की तथा साथ ही साथ कई देशों की सहायता से  2020 तक 100 अरब डॉलर जलवायु निधि जमा करने की प्रतिबद्धता जताई। यह समझौता 4 नवम्बर 2016 से प्रभावी हो गया था अब तक इस समझौते पर 192 देश हस्तक्षर कर चुके है।

NOTE: सयुंक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (2010) के कानकुन सम्मेलन में एक हरित जलवायु कोष का प्रावधान किया गया। जिसके तहत विकसित देश वर्ष 2020 तक प्रति वर्ष 100 बिलियन डॉलर मुहैया कराएँगे। ताकि विकासशील देश जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपट सके।

पृथ्वी काल: जलवायु परिवर्तन और पृथ्वी को बचने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता लाने हेतु WWF (WORLD WIDE FUND FOR NATURE) द्वारा आयोजित एक आंदोलन है। इस आंदोलन के तहत प्रतिभागी प्रति वर्ष मार्च माह के अंतिम शनिवार को 8:30 PM से  9:30 PM तक एक घंटे के लिए बिजली बंद कर देते है वर्ष 2018 में पृथ्वी काल 24 मार्च को मनाया गया।

NOTE: मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिको ने पैसिफिक महासागर के ऊपर वायुमण्डल में समुंदरी जल की बूंदो का छिड़काव कर चमकीले बदल उत्पन्न किए जिससे सूर्य के प्रकाश का अधिक से अधिक परावर्तन कर वैश्विक तापन पर नियंतरण किया जा सके।  
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