Friday, 7 September 2018

पारिस्थितिकी (ECOLOGY)

पारिस्थितिकी (ECOLOGY)

पारिस्थितिकी जीव विज्ञान की एक शाखा है जिसमें जीव समुदायों तथा उसके वातावरण के मध्य पारस्परिक संबंधों का अध्ययन करतें हैं। प्रत्येक जन्तु या वनस्पति एक निश्चित वातावरण में रहता है। पारिस्थितिज्ञ इस तथ्य का पता लगाते हैं कि जीव आपस में और पर्यावरण के साथ किस तरह क्रिया करते हैं और वह पृथ्वी पर जीवन की जटिल संरचना का पता लगाते हैं।
                                                             कुछ स्रोतों के अनुसार पारिस्थितिकी शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम 1865 में रेटर ने किया था अर्नेस्ट हैकल ने पारिस्थितिकी शब्द का प्रयोग OIKOLOGIE के नाम से किया था तथा इसकी विस्तृत व्याख्या की थी। OIKOLOGIE शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों OIKOS (घर या आवास ) तथा LOGOS  (अध्ययन)  बनाया गया है।
                                      अर्नेस्ट हैकल (1869) के अनुसार जीवधारियों के कार्बनिक और अकार्बनिक वातावरण और पारस्परिक संबंधो के अध्ययन को पारिस्थितिकी अथवा पारिस्थिति विज्ञानं कहते है। यूजीन ओडम (1963) के अनुसार पारिस्थितिकी, प्रकृति की संरचना एवं प्रक्रिया का अध्ययन है।
                                                                                                 वर्ष 1935 में ए जी टांसले द्वारा सर्वप्रथम पारिस्थितिकी की संकल्पना प्रस्तावित की गई थी। ए जी टांसले के अनुसार पारिस्थितिकी तंत्र भौतिक तंत्र का एक विशेष प्रकार होता है जिसकी रचना अजैविक और जैविक घटको से होती है। इसके अनुसार पारिस्थितिकी तंत्र खुला तंत्र होता है ये आकर में भिन्न भिन्न होते है।पारिस्थितिकी तंत्र में  आकार के अनुसार परिवर्तन होता रहता है। एक पारिस्थितिकी तंत्र जलाशय की एक बूंद जितना छोटा भी हो सकता है और वही दूसरी ओर पारिस्थितिकी तंत्र एक महासागर जितना भी हो सकता है।

NOTE: पारिस्थितिकी तंत्र  एक खुला तंत्र होता है क्योंकि इसमें ऊर्जा तथा पदार्थो का लगातार निवेश तथा बहिर्गमन होता रहता है।

                                    पारिस्थितिकी तंत्र

पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषताएं:

  • पारिस्थितिकी तंत्र एक कार्यशील क्षेत्रीय इकाई होता है, जो क्षेत्र विशेष के सभी जीवधारियों एवं उनके भौतिक पर्यावरण के सकल योग का प्रतिनिधित्व करता है।
  • पारिस्थितिकी तंत्र जीवमंडल में एक सुनिश्चित क्षेत्र धारण करता है।
  • पारिस्थितिकी तंत्र एक खुला तंत्र होता है। जिसमें ऊर्जा तथा पदार्थो का लगातार निवेश तथा बहिर्गमन होता रहता है।
  • पारिस्थितिकी तंत्र प्राकृतिक संसाधन होते हैं। अर्थात् इसकी अपनी उत्पादकता होती है।
  • पारिस्थितिकी तंत्र संरचित तथा सुसंगठित तंत्र होता है।
  • किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र का, समय इकाई के संदर्भ में पर्यवेक्षण किया जाता है।
  • आकार के आधार पर इसे अनेक भागो में बाटा जा सकता है 
पारिस्थितिक तंत्र के संघटक:पारिस्थितिक तंत्र के मुख्यतः दो प्रकार के संघटक होतें है । 
  • जैविक संघटक 
  • अजैविक संघटक  
जैविक संघटक: इसमें उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक को सम्मिलित किया जाता है। 
अजैविक संघटक: अजैविक संघटको में मृदा जल तथा प्रकाश ऊर्जा आदि आते है इसमें बहुसंख्यक अकार्बनिक पदार्थ जैसे ऑक्सजन नेट्रोजेन आदि तथा रसायनिक एवं भौतिकीय प्रक्रियाए जैसे ज्वालामुखी भूकंप बाढ़ जलवायु तथा मौसमी दशाएं भी आती है।
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