Thursday, 6 September 2018

पृथ्वी शिखर सम्मेलन (EARTH SUMMIT - RIO 20 SUMMIT)

रियो +20  (रियो -डी -जिनेरिओ, ब्राज़ील)

1992 के ऐतिहासिक पृथ्वी सम्मेलन के ठीक 20 वर्षो बाद रियो-डी-जिनेरिओ, ब्राज़ील में ही सतत विकास पर सयुंक्त राष्ट्र का सम्मेलन हुआ जिसमे विश्व के नेताओ के साथ साथ निजी क्षेत्रकों, गैर सरकारी सगठनों और अन्य समूहों ने भी भाग लिया
                                2012 के पृथ्वी सम्मेलन का फोकस मुख्यः फोकस निम्नलिखित तथ्यों पर था
  • गरीबी में कमी लाना 
  • स्वच्छ ऊर्जा 
  • जनसंख्या नियंत्राण 
  • सतत विकास 
  • सामाजिक समानता 

NOTE : वर्ष 2012 में ब्राज़ील के रियो-डी-जिनेरिओ में आयोजित रियो+20 सम्मेलन के घोषणा पत्र का शीर्षक द फ्यूचर वी वांट (THE FUTURE WE WANT) था तथा इस सम्मेलन में भारत ने हरित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया था
 RIO 20 SUMMIT
SUSTAINABLE DEVELOPMENT GOALS 2030: अब सहस्राब्दि विकास लक्ष्य अर्थात MILLENNIUM DEVELOPMENT GOALS का स्थान सतत विकास लक्ष्य SUSTAINABLE DEVELOPMENT GOALS ले लेंगे। संयुक्त राष्ट्र के इन महत्वाकांक्षी सतत विकास लक्ष्यों का उद्देश्य अगले 15 सालों में गरीबी और भूख को समाप्त करना और लिंग समानता सुनिश्चित करने के अलावा सभी को सम्मानित जीवन का अवसर उपलब्ध कराना है. 193 सदस्यीय महासभा ने इस नयी रुपरेखा ‘अपनी दुनिया में बदलाव: टिकाऊ विकास के लिए 2030 का एजेंडा' को अंगीकार किया. इसमें अगले 15 साल के लिए 17 ‘लक्ष्य’ और 169 ‘टारगेट’ तय किये गये हैं

संयुक्त राष्ट्र का एजेंडा 2030 (17 विकास लक्ष्य):
  1. गरीबी के सभी रूपों की पूरे विश्व से समाप्ति.
  2. भूख की समाप्ति, खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा.
  3. सभी आयु के लोगों में स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा.
  4. समावेशी और न्यायसंगत गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही सभी को सीखने का अवसर देना.
  5. लैंगिक समानता प्राप्त करने के साथ ही महिलाओं और लड़कियों को सशक्त करना.
  6. सभी के लिए स्वच्छता और पानी के सतत प्रबंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना.
  7. सस्ती, विश्वसनीय, टिकाऊ और आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करना.
  8. सभी के लिए निरंतर समावेशी और सतत आर्थिक विकास, पूर्ण और उत्पादक रोजगार, और बेहतर कार्य को बढ़ावा देना.
  9. लचीले बुनियादी ढांचे, समावेशी और सतत औद्योगीकरण को बढ़ावा.
  10. देशों के बीच और भीतर असमानता को कम करना.
  11. सुरक्षित, लचीले और टिकाऊ शहर और मानव बस्तियों का निर्माण.
  12. स्थायी खपत और उत्पादन पैटर्न को सुनिश्चित करना.
  13. जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई करना.
  14. स्थायी सतत विकास के लिए महासागरों, समुद्र और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और उपयोग.
  15. सतत उपयोग को बढ़ावा देने वाले स्थलीय पारिस्थितिकीय प्रणालियों, सुरक्षित जंगलों, भूमि क्षरण और जैव विविधता के बढ़ते नुकसान को रोकने का प्रयास करना.
  16. सतत विकास के लिए शांतिपूर्ण और समावेशी समितियों को बढ़ावा देने के साथ ही सभी स्तरों पर इन्हें प्रभावी, जवाबदेही बनना ताकि सभी के लिए न्याय सुनिश्चित हो सके.
  17. सतत विकास के लिए वैश्विक भागीदारी को पुनर्जीवित करने के अतिरिक्ति कार्यान्वयन के साधनों को मजबूत बनाना.                                
Disqus Comments