Sunday, 9 September 2018

जैव विविधता (BIODIVERSITY)

जैव विविधता (BIODIVERSITY)

जैव विविधता से तात्पर्य पृथ्वी पर पाए जाने वाले जीवो की विविधता से है साधारण शब्दों में, जैव विविधता का अर्थ किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाने वाले जीवो एवं वनस्पतियों की संख्या से है। तथा इसका सबंध पौधों के प्रकारो, प्राणियों एवं सूक्ष्म जीवो से है किन्तु जैव विविधता जीवो की विविधताओं तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके अंतर्गत उस पर्यावरण को भी सम्मिलित किया जाता है जिसमे वे निवास करते हैजैव विविधता के अंतर्गत जीवो के अंदर तथा उनके मध्य विविधताओ को दृष्टिगत रखा जाता है                                                                    
                                                                            1992 में रियो डी जेनेरिओ में आयोजित पृथ्वी सम्मेलन में जैव विविधता की मानक परिभाषा दी गयी जिसके अनुसार जैव विविधता समस्त स्रोतों यथा-अंतक्षेत्रीय,स्थलीय, सागरीय एवं अन्य जलीय पारिस्थितिक तंत्रो के जीवो के मध्य अंतर और साथ ही उन सभी पारिस्थितिक समूह जिनके ये भाग है में पाई जाने वाली विविधता, विभिन्न जातियों के मध्य विविधता तथा पारिस्थितिकीय विविधता सम्मिलित है।
BIODIVERSITY
जैव विविधता

NOTE
:विश्व के कुछ क्षेत्रों में प्रजातियों की अत्यधिक संख्या होती है जिसे हॉटस्पॉट या मेगा  डाइवर्सिटी क्षेत्र कहा जाता है
भारत में 4 जैव विविधता के हॉटस्पॉट स्थल है। जो निम्न है
  • पूर्वी हिमालय 
  • पश्चिमी घाट 
  • म्यांमार-भारत सीमा एवं सुंडालेंड 
  • अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह 
जैव विविधता हास् के प्रमुख कारक:
  • आवास हास् एवं विखंडन 
  • वैश्विक तापमान एवं प्रदुषण 
  • जातियों का विलोपन 
  • विदेशी जातियों का पुनर्वास 
जैव विविधता के संरक्षण के उपयोग:जैव विविधता का संरक्षण हमारे लिए निम्न प्रकार से फायदेमंद है जो नीचे दिखाया गया है
  • पृथ्वी के संतुलन के लिए 
  • खाद्य सामग्री के लिए 
  • औषधि निर्माण के लिए 
  • पृथ्वी की सुंदरता के लिए 
  • धार्मिक स्वरूप के लिए जैसे पादपों की पूजा आदि 
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