Thursday, 1 March 2018

भारत के प्रधानमंत्री की योग्यता एवं कार्यकाल

भारत के प्रधानमंत्री (PRIME MINISTER OF INDIA)


संसदीय शासन प्रणाली में प्रधानमंत्री का पद सर्वाधिक महत्वपूर्ण पद होता है क्योकि राष्ट्पति केवल नाममात्र का प्रधान होता है शासन की वास्तविक शक्ति तो प्रधानमंत्री के ही हाथ में होती है! वही मंत्रिपरिषद का निर्माण और उसका संचालन करता है लार्ड मार्ले ने तो प्रधानमंत्री को केबिनेट रूपी मेहराब की आधारशिला अर्थात मंत्रिपरिषद की नीव का पत्थर कहा है क्योकि जिस समय प्रधानमंत्री अपने पद से त्यागपत्र दे देता है या उसकी मृत्यु हो जाती है उसी समय मंत्रिपरिषद का अस्तित्व समाप्त हो जाता है

प्रधानमंत्री पद की योग्यता:
  1. संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री को संसद का अनिवार्यतः सदस्य होना चाहिए 
  2. उसकी आयु कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिएA
  3. प्रधानमंत्री लोक सभा या राज्य सभा दोनों में किसी एक का सदस्य हो सकता हैA 
  4. यद्यपि प्रजातंत्रात्मक पद्धति के अनुसार प्रधानमंत्री को लोक सभा का ही सदस्य होना चाहिए
  5. यद्यपि कुछ परिस्थितियों के कारण यदि राज्य सभा का भी सदस्य प्रधानमंत्री हो जाता है तो यह संविधान के विरुद्ध नहीं माना जा सकता, 1967 के आम निर्वाचन के पूर्व श्रीमती इंदिरा गाँधी को राज्य सभा की सदस्या होते हुए भी प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था मनमोहन सिंह भी राज्य सभा के ही सदस्य थे 

प्रधानमंत्री का कार्यकाल:
  1. प्रधानमंत्री का कार्यकाल 5 वर्ष होता है परंतु उसका कार्यकाल लोकसभा के बहुमत के समर्थन पर निर्भर है
  2. लोकसभा में बहुमत खो देने तथा अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाने पर प्रधानमंत्री को त्यागपत्र देना पड़ता है 
  3. प्रधानमंत्री का त्यागपत्र संपूर्ण मंत्रिमंडल का त्यागपत्र समझा जाता है A
  4. चौधरी चरण सिंह,  इंद्र कुमार गुजराल,  अटल बिहारी वाजपेई को अविश्वास प्रस्ताव के कारण त्यागपत्र देना पड़ा था 
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