Thursday, 1 March 2018

भारत के प्रधानमंत्री के कार्य और अधिकार


भारत के प्रधानमंत्री (PRIME MINISTER OF INDIA)

संसदीय शासन प्रणाली में प्रधानमंत्री का पद सर्वाधिक महत्वपूर्ण पद होता है क्योकि राष्ट्पति केवल नाममात्र का प्रधान होता है शासन की वास्तविक शक्ति तो प्रधानमंत्री के ही हाथ में होती है! वही मंत्रिपरिषद का निर्माण और उसका संचालन करता है लार्ड मार्ले ने तो प्रधानमंत्री को केबिनेट रूपी मेहराब की आधारशिला अर्थात मंत्रिपरिषद की नीव का पत्थर कहा है क्योकि जिस समय प्रधानमंत्री अपने पद से त्यागपत्र दे देता है या उसकी मृत्यु हो जाती है उसी समय मंत्रिपरिषद का अस्तित्व समाप्त हो जाता है

भारत के प्रधानमंत्री (अधिकार एवं कार्य POWER AND DUTIES OF INDIAN PRIME MINISTER):

  • अनुच्छेद 75(1) के प्रावधानों के अंतर्गत प्रधानमंत्री अपने मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों को नियुक्त करने, मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने तथा मंत्रिमंडल से उनके त्याग पत्र को स्वीकार करने की सिफारिश राष्ट्रपति से करता है 
  • वह अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को विभाग का आवंटन कर सकता है तथा किसी मंत्री को एक विभाग से दूसरे विभाग में अंतरित कर सकता है 
  • प्रधानमंत्री मंत्रीमंडल का प्रधान होता है और उसकी मृत्यु या त्यागपत्र से मंत्रिमंडल का विघटन हो जाता है 
  • अनुच्छेद 78 के अनुसार प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह संघ के कार्यक्रम के प्रशासन संबंधी और विधान विषयक की सूचना राष्ट्रपति को दे और यदि राष्ट्रपति किसी ऐसे विषय पर प्रधानमंत्री से सूचना मांगता हैA तो प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को सूचना देने के लिए बाध्य है 
  • प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल की अध्यक्षता करता है 
  • यदि राष्ट्रपति चाहता है कि किसी बात पर मंत्रिपरिषद विचार करें तो वह प्रधानमंत्री को सूचना देता है 


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